श्री चिंतपूर्णी माता की आरती – श्रद्धा, शांति और विश्वास का अनुभव कभी जीवन...
॥ दोहा॥ जय जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,...
॥ दोहा ॥ जय जय कैला मात हे तुम्हे नमाउ माथ ॥शरण पडूं में...
॥ दोहा॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धामकाली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम। ॥...
॥ दोहा ॥ सुमिरन कामाख्या करुँ, सकल सिद्धि की खानि ।होइ प्रसन्न सत करहु...
॥ दोहा ॥ बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा...
दोहा – पार्श्वनाथ भगवान को मन मंदिर में ध्याय | लिखने का साहस करूं...
॥ दोहा ॥ जय गणेश जय गज बदन, करण सुमंगल मूल। करहू कृपा निज...
प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१|| गीत सुनाऊँ अद्भुत यार...
॥दोहा॥जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग।जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥...
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि...
।। दोहा ।। नमो महाविधा बरदा , बगलामुखी दयाल |स्तम्भन क्षण में करे ,...
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