गाइए गणपति जगवंदन।
शंकर सुवन भवानी के नंदन।।
गाइए गणपति जगवंदन……
सिद्धी सदन गजवदन विनायक।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक।।
गाइए गणपति जगवंदन……
मोदक प्रिय मृद मंगल दाता।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता।।
गाइए गणपति जगवंदन……
मांगत तुलसीदास कर जोरे।
बसहिं रामसिय मानस मोरे।।
गाइए गणपति जगवंदन……
स्तुति का अर्थ
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भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, जो जीवन के सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
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“वक्रतुण्ड महाकाय” में गणेश जी के विशाल स्वरूप और दिव्य शक्ति का वर्णन है।
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स्तुति में उनकी कृपा से सुख, समृद्धि और सफलता मिलने की प्रार्थना की जाती है।
स्तुति के लाभ
- मन को शांति और एकाग्रता मिलती है
- कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं
- जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है
- भगवान की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है
कब और कैसे करें पाठ?
- सुबह स्नान के बाद या किसी शुभ कार्य से पहले
- पूजा स्थान पर दीपक जलाकर
- सच्चे मन और श्रद्धा के साथ
निष्कर्ष
गणेश जी की स्तुति करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सफलता और शांति आती है।
किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले इनकी स्तुति करना अत्यंत शुभ माना जाता है