श्री गणेश को सुमिर के, शारद शीश नवाय ! गौ माँ की महिमा कहूँ, कंठ विराजो आय !! मंदमती मैं […]
श्री गणेश को सुमिर के, शारद शीश नवाय ! गौ माँ की महिमा कहूँ, कंठ विराजो आय !! मंदमती मैं […]
॥दोहा॥जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग।जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥चौपाई॥जय जय जननी हराना अघखानी।आनंद करनी […]
॥ दोहा ॥सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती […]
वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिनवाणी को ध्याय |लिखने का साहस करूँ, चालीसा सिर-नाय ||१|| देहरे के श्री चंद्र को, पूजौं मन-वच-काय […]
॥ दोहा ॥ प्रन्वाऊ प्रथम गुरु चरण, बुद्धि ज्ञान गुन खान ।श्री गणेश शारद सहित, बसों ह्रदय में आन ॥ […]
॥ दोहा॥जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल। तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज […]
।।दोहा।। श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान । बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण ।। विश्व विदित वर […]
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥नित्य आनंद […]
॥ दोहा॥शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करूं प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम ॥ सर्व साधु और […]
।। दोहा ।। नमो महाविधा बरदा , बगलामुखी दयाल |स्तम्भन क्षण में करे , सुमरित अरिकुल काल || ।। चौपाई […]