जय बाबा बालक नाथ जय दया के सागर जय जय भक्त ज्ञान उजागर | शांत शवी मूरत अति पियारी अंग […]
जय बाबा बालक नाथ जय दया के सागर जय जय भक्त ज्ञान उजागर | शांत शवी मूरत अति पियारी अंग […]
|| दोहा || श्री गुरु पद नमन करि, गिरा गनेश मनाय।कथूं रामदेव विमल यश, सुने पाप विनशाय।।द्वार केश से आय […]
॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद न तुम्हरो […]
।। दोहा ।। बंशी शोभित कर मधुर, नील जल्द तनु श्यामल ।अरुण अधर जनु बिम्बा फल, नयन कमल अभिराम ।। […]
॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरु गौरी पदप्रेम सहित धरि माथ ।चालीसा वंदन करोश्री शिव भैरवनाथ ॥ ॥ चौपाई ॥ […]
॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग। पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥चौपाई॥ जय सविता जय जयति […]
॥दोहा॥जयकाली कलिमलहरण,महिमा अगम अपार ।महिष मर्दिनी कालिका,देहु अभय अपार ॥ ॥ चौपाई ॥अरि मद मान मिटावन हारी ।मुण्डमाल गल सोहत […]
॥ दोहा ॥ हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥जगत जननि, […]
॥चौपाई॥ पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, […]
॥दोहा॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि।बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित […]