वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिनवाणी को ध्याय |लिखने का साहस करूँ, चालीसा सिर-नाय ||१|| देहरे के श्री चंद्र को, पूजौं मन-वच-काय […]
वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिनवाणी को ध्याय |लिखने का साहस करूँ, चालीसा सिर-नाय ||१|| देहरे के श्री चंद्र को, पूजौं मन-वच-काय […]
॥ दोहा ॥ प्रन्वाऊ प्रथम गुरु चरण, बुद्धि ज्ञान गुन खान ।श्री गणेश शारद सहित, बसों ह्रदय में आन ॥ […]
॥ दोहा॥जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू, चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै, रहहु सदा अनुकूल। तुम सृजक ब्रह्माण्ड के, अज […]
।।दोहा।। श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान । बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण ।। विश्व विदित वर […]
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय । ॥ चौपाई ॥नित्य आनंद […]
॥ दोहा॥शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन को, करूं प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम ॥ सर्व साधु और […]
।। दोहा ।। नमो महाविधा बरदा , बगलामुखी दयाल |स्तम्भन क्षण में करे , सुमरित अरिकुल काल || ।। चौपाई […]
जय बाबा बालक नाथ जय दया के सागर जय जय भक्त ज्ञान उजागर | शांत शवी मूरत अति पियारी अंग […]
|| दोहा || श्री गुरु पद नमन करि, गिरा गनेश मनाय।कथूं रामदेव विमल यश, सुने पाप विनशाय।।द्वार केश से आय […]
॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद न तुम्हरो […]