दोहा – पार्श्वनाथ भगवान को मन मंदिर में ध्याय | लिखने का साहस करूं चालीसा सुखदाय ||!|| उन प्रभुवर श्री […]
दोहा – पार्श्वनाथ भगवान को मन मंदिर में ध्याय | लिखने का साहस करूं चालीसा सुखदाय ||!|| उन प्रभुवर श्री […]
॥ दोहा ॥ श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ […]
॥ दोहा ॥ जय गणेश जय गज बदन, करण सुमंगल मूल। करहू कृपा निज दास पर, रहहू सदा अनूकूल॥ जय […]
|| दोहा || बन्दौ वीणा पाणि को, देहु आय मोहिं ज्ञान।पाय बुद्धि रविदास को, करौं चरित्र बखान।मातु की महिमा अमित […]
दोहा गणपति गिरजा पुत्र को सुमिरु बारम्बार |हाथ जोड़ बिनती करू शारद नाम आधार || चोपाई जय जय जय गोरख […]
। । दोहा । ।सुवन केहरी जेवर सुत महाबली रनधीर । । बंदौ सुत रानी बाछला विपत निवारण वीर । […]
प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१|| गीत सुनाऊँ अद्भुत यार | धारण से हो बेड़ा पार […]
श्री गणेश को सुमिर के, शारद शीश नवाय ! गौ माँ की महिमा कहूँ, कंठ विराजो आय !! मंदमती मैं […]
॥दोहा॥जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग।जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥चौपाई॥जय जय जननी हराना अघखानी।आनंद करनी […]
॥ दोहा ॥सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश।ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश॥करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती […]