॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनंवैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणंबाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्पश्चद्रावनं […]
॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनंवैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणंबाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्पश्चद्रावनं […]
॥ दोहा ॥ बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥कीरति गाथा […]
शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम। उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार। […]
दोहा – पार्श्वनाथ भगवान को मन मंदिर में ध्याय | लिखने का साहस करूं चालीसा सुखदाय ||!|| उन प्रभुवर श्री […]
॥ दोहा ॥ श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ […]
॥ दोहा ॥ जय गणेश जय गज बदन, करण सुमंगल मूल। करहू कृपा निज दास पर, रहहू सदा अनूकूल॥ जय […]
|| दोहा || बन्दौ वीणा पाणि को, देहु आय मोहिं ज्ञान।पाय बुद्धि रविदास को, करौं चरित्र बखान।मातु की महिमा अमित […]
दोहा गणपति गिरजा पुत्र को सुमिरु बारम्बार |हाथ जोड़ बिनती करू शारद नाम आधार || चोपाई जय जय जय गोरख […]
। । दोहा । ।सुवन केहरी जेवर सुत महाबली रनधीर । । बंदौ सुत रानी बाछला विपत निवारण वीर । […]
प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१|| गीत सुनाऊँ अद्भुत यार | धारण से हो बेड़ा पार […]