दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ।। मधु केटभ […]
दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ।। मधु केटभ […]
।।दोहा।। शक्ति पीठ मां ज्वालपा धरूं तुम्हारा ध्यान । हृदय से सिमरन करूं दो भक्ति वरदान ।। सुख वैभव सब […]
। दोहा । नैनों में बसती छवि दुर्गे नैना मात। प्रातः काल सिमरन करू हे जग की विख्यात।। सुख वैभव […]
।। चौपाई ।। जयति-जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता।।तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद […]
।। दोहा ।। हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो रखदो सिर पर हाथ। सबसे पहले गणपत पाछे […]
जय मां छिनमस्तिका चित में वसो चिंतपूर्णी ।छिन्मस्तिका मात ।।सात बहन की लाड़ली ।हो जग में विख्यात ।। माईदास पर […]
॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी नंदन ।जयति देवकी […]
॥ दोहा ॥ पाश्वर्नाथ भगवान की, मूरत चित बसाए ॥ भैरव चालीसा लखू, गाता मन हरसाए ॥ ।। चौपाई ।। […]
दोहा श्री गुरु चरण नमन कर, लेखिनी निज कर धारी |बायण मात गुण वरणो, जो दायक फल चारि ||मंदमति मैं […]
॥ दोहा ॥ श्रीशिव गुरु स्वामी माहेश्वर मज तु उद्धारी ।उमा सहीत दायकु आर्शिवाद मज तु तारी ॥ बुद्धिदेवता तव […]